ब्रेकिंग
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा: महिला की हत्या के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म की कोशिश नाकाम... सी.जी. सुपरफास्ट न्यूज़ के संपादक सुरेश गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी जन्मदिन की शुभकामना... राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 का भव्य आयोजन, नए शिक्षा सत्र का हुआ शुभारंभ
दुर्ग

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की ओर एक और कदम: बाल विवाह मुक्त भारत की पहल

दुर्ग । कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में ग्राम एम जामगांव (तहसील पाटन) में “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ”, बाल विवाह निषेध एवं नशा उन्मूलन अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला में ग्राम के सरपंच, ग्रामीणजन, पंचायत सचिव, शिक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हुए। महिला एवं बाल विकास विभाग, दुर्ग में पदस्थ चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रतिनिधि आशीष साहू एवं चंद्रप्रकाश पटेल ने उपस्थितजनों को भिक्षावृत्ति, बाल विवाह रोकथाम, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया, महिला उत्पीड़न, फास्टर केयर प्रणाली एवं पॉक्सो एक्ट 2012 की विस्तृत जानकारी दी।

विशेष रूप से यह बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की के विवाह को गैरकानूनी घोषित किया गया है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार का विवाह करता है या उसमें संलिप्त होता है, तो उसे दो वर्ष तक का कठोर कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, बाल विवाह को बढ़ावा देने, उसकी अनुमति देने या सहयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति को भी सजा का प्रावधान है। कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है जिसे जनसहभागिता से समाप्त किया जा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button